Header Ads Widget

Responsive Advertisement

आओ शतरंज को जाने (Come go to Satranj)

 

 Chess
🙇🙇🙇🙇🙇🙇
 कैसे खेला जाता है आओ जानते हैं




शतरंज को खेलते समय कुछ  बातो का ध्यान दिया जाता है
आओ जानते  हैं.    👉👉👉👉👉👉👉👉👉👉😎 
Chess rull

शतरंज के नियम, 

कैसे खेलते हैं, (मोहरे के नाम, चाल, फायदे, ट्रिक, खिलाड़ी कहानी, शतरंज की उत्पत्ति किसने की शतरंज कैसे जीते 

शतरंज जिसे chess भी कहते है, यह एक बहुत पुराना खेल है. चेसबोर्ड में 2 लोगों के द्वारा इस खेल को खेला जाता है, जिसे समझने के लिए अभ्यास की जरूरत होती है. चेस एक दिमाग वाला खेल है, जिसके खेलने से मानसिक व्यायाम होता है. मनुष्य के जीवन में खेल का बहुत अधिक महत्व है, ये हमारे जीवन में मनोरंजन का साधन होते है. मनोरंजन की आवश्कता हर उम्र के इन्सान को होती है, इससे शारीरिक कसरत के साथ मन का तनाव भी कम होता है. मनोरंजन के कई साधन है, खेल, टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल आदि. खेल भी इंडोर और आउटडोर होते है, जिसे अपनी पसंद के अनुसार चुना जा सकता है. मनोरंजन के आधुनिक साधन यहाँ पढ़ें.


शतरंज में क्या होना चाहिए?


1-चेस खेलने के लिए कितने लोगों की आवश्यकता होती है ?2-इसमें सिर्फ 2 लोगों की आवश्यकता है.
3-यह एक इनडोर गेम है.
4-इसे खेलने के लिए कोई उम्र तय की गई है ? इसे किसी भी      उम्र के लोग खेल सकते हैं, लेकिन कुछ टूर्नामेंट्स में उम्र         की बाध्यता होती है.
5-चेसबोर्ड में कितने खाने होते हैं ? 40 खाने होते हैं.
6-चेस में कितनी गीटियां होती है ? 32 गीटी होती है जिनमे        16 के अनुपात में बांटा जाता है.
7-शतरंज की गीटियों के नाम ? 8 प्यादे, 2 घोड़ा, 2 हाथी, 2      ऊंट, 1 रानी एंव 1 राजा.
8- वर्गों की पहचान कैसे होती है ? शतरंज में मौजूद वर्ग            काले और सफ़ेद कलर के होते हैं.

 




शतरंज का इतिहास (History of Chess Game) –



वैसे चेस खेल का इतिहास अच्छे से कही भी नहीं लिखा हुआ, लेकिन कहते है आज से लगभग 2000 साल पहले चेस के जैसा खेल लोग खेला करते थे. 280-550 में जब गुप्त साम्राज्य था, तब इस तरह के खेल की शुरुवात हुई थी. इसके बाद 1200 दशक के आसपास साउथ यूरोप में शतरंज के खेल की शुरुवात हुई, जिसमें 1475 के आस पास इस खेल में बड़े बदलाव किये गए, जिसे आज हम खेलते है. इस खेल को बदलाव के साथ स्पेन एवं इटली में अपनाया गया.




शतरंज के खेल का उद्देश्य(Aim of Chess Game)–


शतरंज खेल दो लोग एक दुसरे के विरोध में खेलते है. चेसबोर्ड में 64 खाने होते है, जो सफ़ेद, काले रंग के होता है. टोटल 32 गोटी (पीस) से ये गेम खेलते है, जिसमें हर एक खिलाड़ी के पास 16 पीस होते है. इसमें 16 सफ़ेद व् 16 काली गोटी होती है. हर एक टीम के पास 1 राजा, 1 रानी, 2 हाथी, 2 घोड़े, 2 ऊँठ एवं 8 प्यादे होते है. इस खेल का यही लक्ष्य होता है कि किस तरह सामने वाले खिलाड़ी को शह और मात (चेकमेट) दिया जा सके. शह और मात की स्थिती तब होती है, जब कोई राजा की जगह पर कब्ज़ा कर ले, और उस कब्जे से उसे कोई निकाल न सक


शतरंज खेल की शुरुवात और उसके नियम(Chess Game Rule) –

खेल की शुरुवात में सभी गोटियों को चेसबोर्ड में जमाया जाता है. इन गोटियों की सेटिंग हर बार खेल में एक जैसी ही होती है, इसमें कोई फेरबदल नहीं होता है. एक खिलाड़ी सफ़ेद गोटी लेता है, दूसरा काली. चेसबोर्ड ज़माने के लिए हाथियों को दोनों कोने में रखते है, फिर उसके बाजु वाले दोनों कोने में घोड़े रखते है, फिर उसके बाजु में दोनों साइड ऊँठ रखते है. फिर लेफ्ट साइड राजा और राईट साइड रानी रखते है. इनके सामने की लाइन में 8 प्यादे रखते है. जो भी सफ़ेद गोटी लेता है, वो पहले चलता है.


 प्यादा  प्यादा  प्यादा प्यादा  प्यादा  प्यादा प्यादा

हाथी घोड़ा  ऊँठ   राजा  रानी   ऊँठ  घोड़ा हाथी



गोटियाँ कैसी चली जाती है(How to Play Chess Game)


चेस में हर एक गोटी के चलने का अपना तरीका होता है, एक निश्चित स्थान एक निश्चित चाल पर ही ये चलते है. इसमें कोई भी गोटी किसी दूसरी गोटी के उपर से नहीं चली जा सकती है, अगर वो सामने वाले की है तो उसे मार दिया जाता है, लेकिन अगर ये खुद की है तो उसके उपर से गोटी नहीं चली जा सकती है.


राजा

राजा इस खेल का मुख्य होता है, जिसे बचाने के लिए ही ये गेम खेला जाता है. लेकिन मुख्य होने के बावजूद ये सबसे कमजोर होता है. राजा सिर्फ एक कदम, किसी भी दिशा में उपर, नीचे, आजू बाजु या तिरछे चल सकता है.


रानी

रानी जिसे वजीर भी कहते है, खेल में बहुत ताकतवर होता है. ये किसी भी दिशा में, तिरछा, सीधा, आगे, पीछे कितने भी वर्ग चल सकता है.


हाथी –हाथी अपनी इच्छा अनुसार कितने भी वर्ग चल सकता है, लेकिन ये सिर्फ खड़ा या आड़ा चल सकता है, ये तिरछा नहीं चल सकता है. हाथी भी ताकतवर होता है, ये एक खिलाड़ी के पास 2 होते है. ये दोनों मिलकर काम करते है, और एक दुसरे की रक्षा करते है.


ऊँठ –

ठ भी अपनी इच्छा अनुसार कितने भी वर्ग चल सकता है, लेकिन सिर्फ तिरछा ही चलता है. दोनों ऊँठ मिलकर काम करते है, और अपनी कमजोरी ढक लेते है.


घोड़ा

घोड़ा ही चाल बाकियों से बहुत ही अलग होती है. ये किसी एक दिशा में ढाई घर चलता है. जैसे L आकार होता है, वैसा ही चाल चलता है. घोड़ा एक अकेला ऐसा पीस है जो किसी अन्य पीस के उपर से चाल चल सकता है.


प्यादा

प्यादा एक सैनिक की तरह कार्य करते है. ये एक कदम आगे चलते है, लेकिन किसी अन्य गोटी को तिरछा होकर मारते है. प्यादा एक समय में एक ही वर्ग चलता है, सिर्फ पहली चाल में ये 2 वर्ग चल सकता है. ये पीछे नहीं चल सकता है, न ही मार सकता है. अगर प्यादे के सामने कोई आ जाये तो ये पीछे नहीं हट सकता है, न ही सामने वाले को सीधे मार सकता है.

 

Q : शतरंज के मूल नियम क्या है ?

Ans : शतरंज के मूल नियम यह है कि इसमें चलने वाली गोटियों निर्धारित चाल चलती हैं. जैसे घोड़ा ढाई कदम चलता है, उंच तिरछा चलता है, हाथी सीधा चलता हैं. प्यादा घर से 2 कदम और आगे जाकर 1 कदम चलते हैं. जबकि मरते ये तिरछा हैं, इसके अलावा रानी सीधा, तिरछा कोई भी चाल चल सकती हैं. और राजा केवल एक कदम चलता हैं. भले ही वह कहीं पर भी हो.


Q :शतरंज खेलना कैसे शुरू कर सकते हैं ?

Ans : शतरंज के खेल को खेलने की शुरुआत आप प्यादे को आगे बढ़ाकर कर सकते हैं.


Q : 2 मूव में शतरंज कैसे जीत सकते हैं ?

Ans : यदि सामने वाला व्यक्ति राजा के सामने वाले प्यादे को 2 कदम आगे चलता हैं ओर अगले मूव में राजा के बाजू वाले ऊंट के सामने वाला प्यादा चलता हैं तो आप अपनी रानी से सीधे चेक एवं मेट कर सकते हैं.


Q : 3 मूव में शतरंज कैसे जीत सकते हैं ?

Ans : पहली चांस में आप राजा के सामने वाले प्यादे को आगे चलने के बाद यदि सामने वाला व्यक्ति अपने राजा के बाजू वाले ऊंट के सामने वाला प्यादा चल देता हैं तो तीसरे मूव में आप अपनी रानी से सामने वाले राजा को चेक एवं मेट कर सकते हैं.


🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏



Chess...........................



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ